भोजपुरी साहित्य आ संस्कृति के विकास के दिसाँई भोजपुरी समाज निरंतर प्रयासरत बा।भोजपुरी- विकास खातिर दर्जनन भोजपुरी संस्था लगातार कार्यक्रम आयोजित करत रहल बाड़ी सँ।साहित्यकार -कलाकार-राजनेता सभे अपना ओर से भोजपुरी के विकास खातिर हर संभव प्रयास कर रहल बा।भोजपुरी साहित्य के विकास के दिसाँई सबहर रचनात्मक प्रयास चल रहल बा।हर तरे के बिधन में विविध विषय-वस्तु पर रचनाकार लोग कलम चला रहल बा।अश्लीलतापरक गायन के मुखर विरोध हो रहल बा।सार्थक आ सोद्देश्य गायकी के सराहना मिल रहल बा।धीर-धीरे अश्लीलता आ जातीयतापरक गायन के प्रतिरोध में समानान्तर रूप से आज अनगिनत गायक-गायिका लोग सक्रिय हो गइल बा जवना के नतीजा बा कि अश्लील गायकी के बाजार डाउन होखे लागल बा। जन-जागृति के जरिए भोजपुरी आउरो तेजी से अपना माथे सटल एह कलंक के धो सकत बिया।
2025 में ‘विश्व भोजपुरी सम्मलेन’ के नई दिल्ली आ देवरिया में संपन्न प्रान्तीय सम्मेलन जहाँ खूब चरचा में रहल बा ओजवे बहुत पुरान आ लगातार सक्रिय ‘अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, पटना’ के 28वाँ अमनौर अधिवेशनो भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में
पइसार के राजनीतिक असरा जगावला के
दिसाँईं एक बेर फेर काफी चर्चित रहल बा।एह मंच से ई भरोसा दिहल गइल बा कि बरिस भीतरे भोजपुरी के सांविधानिक मान्यता के लेके कुछ खुशखबरी जरूर मिली।भोजपुरी आन्दोलन के गति देबे में डॉ.संतोष पटेल जी के नेतृत्व में ‘भोजपुरी जन जागरण अभियान,नई दिल्ली’ एहू साल जन्तर – मन्तर पर आपन धरना -प्रदर्शन के क्रम सफलतापूर्वक जारी राखे में सफल रहल बा।आज सैकड़न भोजपुरी संस्था/संस्थान- मसलन ‘मैथिली-भोजपुरी अकादमी’ नई दिल्ली, ‘भोजपुरी अध्ययन केन्द्र,वाराणसी’ (उप्र.),
‘पूर्वांचल एकता मंच (लखनऊ)’, ‘पाती’ मंच(बलिया), ‘जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद’ , ‘भोजपुरी साहित्य विकास मंच'(प.बंगाल),’भोजपुरी फाऊंडेशन’ (यूपी), ‘आखर'(सीवान),’यायावरी'(गोरखपुर), ‘भोजपुरी समाज’, ‘अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ‘(दिल्ली),’माई’ (प्रयागराज), ‘जीवनोदय शिक्षा समिति'(गाजीपुर), ‘प्रगतिशील भोजपुरी समाज'(देवरिया ,यूपी), ‘पंचमेल’ (छपरा),’हबीब भोजपुरी विकास मंच ‘(छपरा) आदि विभिन्न रूपन में भोजपुरी विकास में आपन योगदान दे रहल बाड़ी सँ।
एह साल दिल्ली , प्रयागराज, वाराणसी,गोरखपुर,देवरिया , अमनौर
(छपरा ),कोलकाता,बलिया , गाजीपुर, मोतिहारी, लखनऊ, बेतिया, महराजगंज आदि अनेक जगहन पर भोजपुरी साहित्य आ संस्कृति के बढ़ावा बदे अनेक सफल आयोजन भइलन हँ सँ।
भोजपुरी भाषा,साहित्य,समाज आ संस्कृति पर आधारित अनेक आलेख भोजपुरी पत्रिकन के अलावे हिन्दी पत्र-पत्रिकनो में प्रकाशित भइल बा।भोजपुरी पत्रिकन में ‘जोहार भोजपुरिया माटी’,’पाती’, ‘भोजपुरी साहित्य सरिता’ , ‘भोजपुरी वार्ता’ , ‘सँझवत ‘, ‘भोजपुरी सम्मेलन पत्रिका’ , ‘भोजपुरी अमन’ आदि पत्रिकन में बहुत ढंगगर रचना छप रहल बाड़ी सँ। ‘जोहार भोजपुरिया माटी’ आ ‘पाती’ के त हर अंके विशेषांक -जस आ रहल बा जवन बहुत उपयोगी आ संग्रहणीय हो जा रहल बा।भोजपुरी ई -पत्रिकन के रूप में ‘भोजपुरी जंक्शन’, ‘सिरिजन’ आ ‘मैना’ आदि पत्रिकन के योगदान बहुत महत्वपूर्ण रूप में सोझा आइल बा। एह साल छपल ‘अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन’ के अमनौर अधिवेशन के स्मारिका-‘इयाद-3’ आ बच्चू पांडेय जी पर छपल अभिनंदन ग्रंथ -‘बच्चू बाबा -स्मृति संचय’ (संपादक-भगवती प्रसाद द्विवेदी )भोजपुरी साहित्य के विकास में बराबर इयाद कइल जाई।
एह पृष्ठभूमि पर विचार करत जब हमनीं भोजपुरी लेखन आ प्रकाशन पर नजर दउड़ावत बानीं तऽ स्थिति कवनों निराशाजनक नइखे बुझात। आईं सभे एह सूची के तनिका तिकवल जाव-
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
2025 में प्रकाशित
महत्वपूर्ण भोजपुरी किताबन के सूची
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
नाम – लेखक/संपादक -विधा -प्रकाशक
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ——————————————————
[क]साहित्येतिहास/जीवनी/व्यक्तित्व- अभिनंदन ग्रंथ
——————————————————-
1-भोजपुरी कविता के इतिहास-डाॅ.ब्रजभूषण मिश्र-भोजपुरी काव्येतिहास-मैथिली भोजपुरी अकादमी, नई दिल्ली।
2-भोजपुरी प्रतिभाएँ-संपादक-डॉ.ब्रजभूषण मिश्र- भोजपुरी -प्रतिभा परिचय -भोजपुरी साहित्य अकादमी व मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद,भोपाल ।
3-आधुनिक भोजपुरी साहित्य के इतिहास-आचार्य शुभनारायण सिंह ‘शुभ ‘-साहित्येतिहास-शिवालिक प्रकाशन,नई दिल्ली
4-भोजपुरी भाषा और कैथी लिपि-पृथ्वीराज सिंह-भाषा विज्ञान-मैथिली भोजपुरी अकादमी,दिल्ली।
5-भोजपुरी सिनेमा के इतिहास-मनोज भावुक-मैथिली-भोजपुरी अकादमी,दिल्ली।
6-ब्रजभूषण मिश्र-भोजपुरी के समर्पित व्यक्तित्व-संपादक-कनक किशोर ,सर्वभाषा ट्रस्ट।
7- बच्चू बाबा : स्मृति- संचय-संपादक-भगवती प्रसाद द्विवेदी, बच्चू पांडेय कला वीथी,छपरा।
—————————————————————–
[ख]समालोचना/काव्यशास्त्र /भाषा विज्ञान /व्याकरण
—————————————————————-
1– भोजपुरी साहित्य-समय के साखी -डाॅ.ब्रजभूषण मिश्र-समालोचना-अभिधा प्रकाशन,मुजफ्फरपुर।
2- भोजपुरी कविता में अलंकार, रस,छंद-डॉ. ब्रजभूषण मिश्र, परिवर्द्धन सहयोगी -आचार्य हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन’ (परिवर्द्धित संस्करण)-डॉ. ब्रजभूषण मिश्र व हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन’-काव्यशास्त्र -अभिधा प्रकाशन , मुजफ्फरपुर।
3- भोजपुरी कविता :रुचि आ रचाव-सुनील कुमार पाठक-समालोचना-भोजपुरी प्रकाशन (सर्वभाषा ट्रस्ट),नई दिल्ली।
4-भोजपुरी उपन्यास आ देस-जितेन्द्र कुमार-आलोचना -न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, नई दिल्ली।
5-भोजपुरी साहित्य के विविध आयाम-संतोष पटेल-समालोचना
वी.एल.एम.एस.पब्लिकेशन्स,नई दिल्ली।
6-ककहरा -डाॅ.देवेन्द्र नाथ तिवारी-आलोचना – भोजपुरी प्रकाशन (सर्वभाषा )नई दिल्ली।
7-भोजपुरी रामगीत-दिवाकर पांडेय-गीत संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ,नई दिल्ली।
8-भोजपुरी कविता में किसान-संपादक-कनक किशोर- समालोचनात्मक आलेख संग्रह-भोजपुरी प्रकाशन, (सर्वभाषा ट्रस्ट)नई दिल्ली।
9-कुछ पारम्परिक, कुछ सामयिक-कनक किशोर-आलेख संग्रह-श्रीनर्मदा प्रकाशन, लखनऊ।
10-भोजपुरी भाषा का व्याकरण एवं साहित्य-डॉ.बलदेव यादव-शिवांगन पब्लिकेशन।
11-
—————————————————-
[ग] कविता /गीत/गजल संग्रह
—————————————————–
1-प्रतिनिधि कविता : भोजपुरी-संपादक:अरुणेश नीरन,सह संपादक- डॉ. बलभद्र आ डॉ. प्रकाश उदय,कविता संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन।
2-देखावा के जिनगी -नुरैन अंसारी -गजल संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ।
3-नजरिया के पानी -अर्जुन पाठक ‘विकल’ -गीत संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन।
4-चानी के चनरमा -मधुबाला सिन्हा,कविता संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन।
5-राधा-सवैया संग्रह-केशव मोहन पांडेय-सर्वभाषा प्रकाशन ।
6-देखत हँसे धतूरा-जयशंकर प्रसाद द्विवेदी-सर्वभाषा प्रकाशन ।
7-घमछहियाँ -अश्विनी कुमार द्विवेदी-गीत संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ।
8-केहू केतनो दुलारी बाकिर माई ना होई -सुभाष चंद्र यादव-गीत संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ।
9-अनबोलता-डॉ. संतोष पटेल-कविता संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ।
10-धरती के गीत-सुरेश कांटक-कविता संग्रह -भोजपुरी साहित्यांगन चैरिटेबल ट्रस्ट, पटना।
11-पूर्व राग -आचार्य हरेराम त्रिपाठी ‘चेतन ‘-काव्य-श्वेतवर्णा प्रकाशन ,नोएडा ।
12-हो न हो-कनक किशोर-कविता संग्रह-ज्ञानमुद्रा प्रकाशन,भोपाल।
13-ना बरगद के छाँव ना बाबा के गाँव-कनक किशोर-कविता संग्रह-नर्मदा प्रकाशन, लखनऊ।
14-प्रेम के रंग अजूबा-कनक कबीर-दोहा संग्रह-श्रीनर्मदा प्रकाशन, लखनऊ।
15-भोजपुरी बालगीत-संग्रह कर्ता-चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह, संपादक-कनक किशोर व दिलीप कुमार-श्रीनर्मदा प्रकाशन, लखनऊ।
16-भूषण रामायण-विद्याभूषण सिंह ‘कवि जी-लोकधुन पर आधारित काव्य-जानकी प्रकाशन, पटना।
17-धरती के गीत-सुरेश कांटक-गीत-कविता संग्रह-भोजपुरी साहित्यांगन चैरिटेबल ट्रस्ट, पटना।
18-लिहलैं जनम रघुरैया-रामनिवास यादव-कविता संग्रह-विकल्प प्रकाशन, दिल्ली।
19-भोजपुरी गीत कवित्त-डॉ.शंकर मुनि राय-कविता संग्रह-अध्ययन पब्लिशर्स एंड ड्रिस्टीब्यूटर्स, नई दिल्ली।
20-गुजर रहल बा जिन्दगी-अनिता शाह -ओरिएंटल पब्लिकेशन, काठमांडू,नेपाल।
21-सउँसे चान आकासे -वीणा पांडेय ‘भारती’-गीत संग्रह-जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद, जमशेदपुर।
———————————————————
[घ]कहानी /उपन्यास/नाटक-एकांकी/निबंध / कथेतर गद्य /अनुवाद/विविध
———————————————————
1-जिनिगी के धाह,जीये के चाह-डॉ.संध्या सिन्हा -कहानी संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन
2-खुखड़ी- रेणु यादव-कहानी संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन
3-पिरितिया के डोर-शकुंतला शर्मा शकुन -सर्वभाषा प्रकाशन
4-ऊसर के फूल-नरेंद्र शास्त्री-उपन्यास-सर्वभाषा प्रकाशन ,नई दिल्ली।
5-निमिया रे करुअइनी-मीनाधर पाठक-उपन्यास-भोजपुरी प्रकाशन (सर्वभाषा), नई दिल्ली।
5-मेला -चंदेश्वर परवाना -कहानी संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ,नई दिल्ली।
6-लकीर -रामयश अविकल-कहानी संग्रह-सर्वभाषा प्रकाशन ,नई दिल्ली।
7-अपने देसवा नीक बा-संतोष पटेल-कहानी संग्रह-वी.एल.एम.एस.पब्लिकेशन,प्रा.लि.नई दिल्ली।
8-फनिया बध-डॉ.दिवाकर राय-नाटक-
9-बिटिया के बिदाई-अरविंद चित्रांश-लोकनाट्य-राजसूर्य प्रकाशन, नई दिल्ली।
10-भोजपुरी साहित्य संचयन -प्रो.चितरंजन मिश्र व विमलेश मिश्र -भोजपुरी गद्य-काव्य संचयन-सर्वभाषा प्रकाशन, नई दिल्ली।
11-जिनिगिया के थाती -माया शर्मा – सर्वभाषा प्रकाशन ।
12-भोजपुरी चित्रकला:विविध आयाम-पृथ्वीराज सिंह-सारव प्रकाशन ,छपरा ।
13-धम्मपद-(भोजपुरी अनुवाद)-अनुवादक-पृथ्वीराज सिंह-सारव प्रकाशन ,छपरा।
14-एगो किताब:मतारी -बाप खातिर-अनुवादक-डाॅ.रंजन विकास-भोजपुरी साहित्यांगन चैरिटेबल ट्रस्ट ,पटना।
15-सूरज डूबे रे नदिया-गोपाल अश्क-ललित निबंध-ओरिएंटल पब्लिकेशन, काठमांडू ,नेपाल।
16-एक पर एक-शिवानुग्रह नारायण सिंह -ललित निबंध संग्रह-सारव प्रकाशन, छपरा।
17-भोजपुरी नवग्रह चेतना -कुमार अजय सिंह
18- ई त ऊ ह -अनुवादक-नर्मदेश्वर-अंग्रेजी कवितन के भोजपुरी अनुवाद-अनुज्ञा प्रकाशन, नई दिल्ली।
19-कोठिला – -अनुवादक-जगदीश नलिन-भोजपुरी कवितन के अंग्रेजी अनुवाद-न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, नई दिल्ली।
भोजपुरी साहित्य में प्रकाशन के काम अधिकतर लेखकीय प्रयासे से हो रहल बा।सरकारी संस्थन के सहयोग से बहुते कम किताब छप पावत बाड़ी सँ।साहित्य अकादमी /एन. बी. टी./कवनों राज्य के भाषायी अकादमी /सरकारी भा सरकार से वित्तपोषित संस्थन आदि के सहयोग भोजपुरी प्रकाशन के लिहाज से नगण्ये मानल जाई हालांकि एह संस्थन से किताब छपियो गइला के मतलब ई नइखे कि एजवा से छपल सगरी कृति उत्कृष्टे कोटि के बाड़ी सँ।
दरअसल ,भोजपुरी लेखन आ प्रकाशन आज पूरा तरे एगो जिद,जुनून आ जज्बा वाला काम बा जवना खातिर कबीरी मन के जरूरत बा -“जो घर जारे आपना ,चले हमारे साथ।” एह काम में ऊहे टिक पाई जेकर होश आ हौसला बुलंद होखे आ जेकरा व्यापक मानवीय संवेदना आ सामाजिक सरोकारन से गहिर लगाव आउर अपना दायित्वन के बोध होखे । ऊ ‘इश्क- मतवाला ‘ होखे ,अपना दुनियाँ के सजावे-सँवारे ले जादे , दुनियादारिये निभावे में अपना के खपा देबे खातिर तैयार होखे।भोजपुरिया मनई खातिर ई कवनों बड़हन टास्क नइखे।
□□□□□
- डा.सुनील कुमार पाठक